Book Details
| Author | Mirza Ghalib |
| Co-author | Nand Kishore Acharya |
| Publication | Setu Prakashan PVT. LTD. |
| Language | Hindi |
| Category | Poetry |
| Pages | 272 |
| Dimension | 18 x 12.5 x 1.5 cm |
| Weight | 215 gm |
| ISBN | 978-81-87482-43-7 |
| About Book | हिंदुस्तान की इल्हामी किताबें दो है | मुकद्दस वेद और दीवाने-गालिब | - डॉ. अब्दुर्रहमान बिजनौरी गालिब के होते हुए मैं मीर को खुदा-ए-सुखन नहीं कह सकता लेकिन मीर के होते हुए गालिब को खुदा-ए-सुखन कहना मुम्किन नहीं | - शम्सउर्रहमान फारुकी गालिब अहसास को इस्तेआरा (रुपक) और खुदकलामी (आत्म-संवाद) को मुकालमा (वार्तालाप) बना देते हैं | वो मौजूद से ज्यादा इम्कानी (संभावित) मानी के शाइर हैं | रिवायत (परम्परा) के जिद्दत (नवीनता) और जिद्दत में रिवायत देखने वाली नजर के सबब मिर्जा गालिब हमाअस्त्र (सर्वकालीन) शाइर हैं | - शीन काफ निजाम |