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आरएसएस और हिन्दुत्व की राजनीति (Paper Back)




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Book Details

Author Ram Puniyani
Co-author Ravikant
Publication Setu Prakashan PVT. LTD.
Language Hindi
Category Non-Fiction
Pages 280
Dimension 20 x 13 x 2 cm
Weight 266 gm
ISBN 978-9362017352
About Book

भूमिका से -



आरएसएस और हिन्दुत्व की राजनीति – राम पुनियानी (सम्पादक रविकान्त) आरएसएस
जितना साम्प्रदायिक है
, उससे भी ज्यादा वर्ण और जातिवादी है। आरएसएस का
हिन्दुत्व दरअसल नया ब्राह्मणवाद है। गोलवलकर ने एक तरफ मुसलमानों और ईसाइयों को
भारत से बाहर निकालने की बात की तो दूसरी तरफ वर्ण व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए
इसे कठोरता से लागू करने का सन्देश दिया। संघ के मुखपत्र ऑर्गनाइजर (
2 जनवरी 1961) के अनुसार गोलवलकर ने अपने एक सम्बोधन में कहा था कि, ‘आज हम
अपनी नासमझी की वजह से वर्ण व्यवस्था को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि
यही वह व्यवस्था है जिसकी वजह से अधिकारात्मकता पर नियन्त्रण करने की महान् कोशिश
की गयी है… हमारे समाज में कुछ लोग बौद्धिक
, कुछ लोग पैदावार में
माहिर
, कुछ लोग दौलत कमाने में और कुछ मेहनत करने की क्षमता रखते हैं। हमारे पूर्वजों
ने मोटे तौर पर ये चार विभाजन किये थे। वर्ण व्यवस्था कुछ और नहीं बल्कि उन चार
विभाजनों के बीच सन्तुलन स्थापित करना है
, इसके जरिये हर आदमी समाज
की सेवा अपनी बेहतरीन क्षमता द्वारा कर सकता है जो उसने वंशानुगत रूप से विकसित की
है। अगर यह व्यवस्था जारी रहती है तो हर व्यक्ति के जीवनयापन के लिए उसके जन्म से
ही कार्य सुरक्षित रहेगा।’ 

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