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जोसेफ एण्टन (Paper Back)




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Book Details

Author Salman Rushdie
Publication Vani Prakashan
Language Hindi
Category Autobigraphy
Pages 660
Dimension 20 x 14 x 4 cm
Weight 710 gm
ISBN 9789352290956
About Book फरवरी 14, 1989, वेलेंटाइन डे के दिन सलमान रुश्दी को बीबीसी की एक पत्रकार ने फोन करके बताया कि उन्हें आयातुल्ला खोमेनी ने 'मृत्युदंड' सुनाया है | पहली बार उसने शब्द 'फतवा' सुना | उसका अपराध? उपन्यास 'द सेटेनिक वर्रिस' लिखना जिस पर 'इस्लाम, पैगम्बर एवं कुरान' के विरुद्ध होने का आरोप था | ऐसे प्रारम्भ हुई असाधारण कहानी कि कैसे एक लेखक को पुलिस सुरक्षादल की निरन्तर उपस्थिति में भूमिगत होने, एक मकान से दूसरे मकान में जाने के लिए विवश होना पडा | उन्हें एक उपनाम रखने के लिये कहा गया जिससे पुलिस उन्हें पुकार सके | उन्होंने अपने प्रिय लेखकों एवं उनके नामों को जोडकर बनने वाले नामों के विषय में सोचा, और ऐसे नाम उभरा - कोनरेड एवं चेखव - जोसेफ एण्टन |

एक लेखक एवं उसका परिवार नौ वर्ष से अधिक समय तक हत्या की धमकी के साथे कैसे जीता है? कैसे वह काम करता रहता है? कैसे वह प्यार में पडता और निकलता है? निराशा उसके विचारों एवं कार्यो को कैसे प्रभावित करती है, वह कैसे और क्यों लडखडाता है और कैसे वह वापस लडना सीखता है? इस असाधारण संस्मरण णें रुश्दी यह कहानी पहेली बार बताते है, हमारे युग की, हमारे समय की वाणी की स्वतंत्रता की एक महत्वपूर्ण, एक कडी लडाई की कहानी |

असाधारण स्पष्टता और ईमानदारी लिए हुए यह पुस्तक प्रेरणात्मक, मर्मस्पर्शी एवं अत्यधिक महत्व की है, क्योंकि जो सलमान के साथे हुआ वह नाटक का पहला अंक था जो विश्व में प्रतिदिन कहीं-न-कहीं घटित हो रहा है |

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